गुरुवार, 23 जुलाई 2020

भारतीय वित्त व्यवस्था

  • भारतीय वित्त व्यवस्था से तात्पर्य ऐसी व्यवस्था से है जिसमें व्यक्तियों वित्तीय संस्थाओं बैंक को औद्योगिक कंपनियों तथा सरकार द्वारा वित्त की मांग होती है तथा इसकी पूर्ति भी की जाती है
  • भारतीय वित्त व्यवस्था के दो पक्ष पहला मांग पक्ष दूसरा पूर्ति मांग पक्ष का प्रतिनिधि व्यक्तिगत निवेशक औद्योगिक तथा व्यापारिक कंपनियां सरकार आदि करते हैं जबकि पूर्ति पक्ष का प्रतिनिधि बैंक बीमा कंपनियां म्युचुअल फंड तथा अन्य वित्तीय संस्थाएं करती हैं
  • भारतीय वित्त व्यवस्था को दो भागों में बांटा गया है
  • भारतीय मुद्रा बाजार
  • भारतीय पूंजी बाजार
  • भारतीय मुद्रा बाजार को तीन भागों में बांटा गया है असंगठित क्षेत्र संगठित क्षेत्र में बैंकिंग क्षेत्र तथा मुद्रा बाजार का बाजार
  • असंगठित क्षेत्र में भारतीय रिजर्व बैंक सी संस्था है तथा इसके अतिरिक्त सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक निजी क्षेत्र के बैंक विदेशी बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थाएं आती है
  • रिजर्व बैंक की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को 5 करोड़ की अध्यक्ष पुजी से हुई तथा 1 जनवरी 1949 को इस का राष्ट्रीयकरण किया गया ।रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भारत का केंद्रीय बैंक है इसका मुख्यालय मुंबई में है भारत में मौद्रिक एवं साख नीति रिजर्व बैंक द्वारा ही बनाई जाती है और लागू की जाती हैं।
  • सरअस्बॉर्न स्मिथ आरबीआई के प्रथम गवर्नर थे

                       Sir osborne smith
             RBI governor




  • प्रथम भारतीय एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम आरबीआई गवर्नर सीडी देशमुख थे इन्हीं के समय में आरबीआई का राष्ट्रीयकरण किया गया।
  • बैंकों के राष्ट्रीयकरण के समय एलके झा आरबीआई के गवर्नर थे

नोट:
हिल्टन यंग आयोग पहला आयोग था जिसनेेे केंद्रीय बैंक के रूप में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की समस्त की संस्तुति कीी थ
  • रिजर्व बैंक का लेखा वर्ष 1 जुलाई से 30 जून तक है
  • आरबीआई देश में मौद्रिक गतिविधियों के नियमन का नियंत्रण करता है
  • भारतीय रिजर्व बैंक के दो प्रकार की कार्य हैं सामान्य केंद्रीय बैंकिंग कार्य विकास संबंधी और परिवर्तन कार्य
  • समान केंद्रीय बैंकिंग कार के अधीन आरबीआई के द्वारा निम्नलिखित कार्य किए जाते हैं करेंसी नोटों का निर्गमन, सरकारी बैंक का काम ,बैंकों के बैंक का काम ,विदेशी विनिमय को नियंत्रित करना साख नियंत्रण 
  • विकास संबंधी एवं परिवर्तन कार्य के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक का कार्य निम्न प्रकार है मुद्रा बाजार पर प्रतिबंध निरंतर बच्चों को बैंक व अन्य वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से उत्पादन के लिए उपलब्ध कराना लोगों में बैंक की आदत बढ़ाने के लिए प्रयास करना
  • नोट बैंकिंग की आदत बढ़ाने के लिए सन 1964 में भारतीय यूनिट ट्रस्ट की स्थापना की गई थी
  • संस्थागत के कृषि साख व्यवस्था और विस्तार रिजर्व बैंक की एक अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तथा इसी उद्देश्य के तहत 1963 ईस्वी में किसी पुनर वित्त एवं विकास निगम की स्थापना की गई
  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा साख पर नियंत्रण तरीकों से किया जाता है बैंक दर नीति द्वारा खुले बाजार की क्रियाओं द्वारा बैंकों की लागत को संबंधी आवश्यकताओं में परिवर्तन करके तरलता संबंधी वैधानिक अवस्थाओं को पूरा करके
  • बैंकों के ग्राहकों को शिकायतों का निदान कराने के लिए बैंकिंग लोकपाल योजना भारत में रिजर्व बैंक ने 14 जून 1995 से लागू किया था

  • नोट: भारतीय रिजर्व बैंक जम्मू एवं कश्मीर सरकार की कारोबार का संचालन नहीं करता है

रविवार, 5 जुलाई 2020

संघीय कार्यपालिका

                             संघीय कार्यपालिका
  • भारतीय संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित है अनुच्छेद 53
  • भारत में संसदीय व्यवस्था को अपनाया गया क्योंकि मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति उत्तरदाई है अगर राष्ट्रपति नाम मात्र की कार्यपालिका तथा प्रधानमंत्री व उसका मंत्रिमंडल वास्तविक कार्यपालिका है
राष्ट्रपति: अनुच्छेद 52
  • राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रधान होता है
  • राष्ट्रपति भारत का प्रथम नागरिक कहलाता है।
  • राष्ट्रपति पद की योग्यता:
  • संविधान के अनुच्छेद 58 के अनुसार कोई व्यक्ति राष्ट्रपति होने योग्य तब होगा जब वह
  • भारत का नागरिक हो
  • 35 वर्ष की आयु पूरा कर चुका हूं
  • लोकसभा का सदस्य निर्वाचित किए जाने योग्य हो
  • चुनाव के समय लाभ का पद धारण नहीं करता हो
नोटयदि किसी व्यक्ति राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति के पद पर हो या संघ अथवा किसी राज्य के मंत्री परिषद का सदस्य हो तो वह लाभ का पद नहीं माना जाएगा
  • राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए निर्वाचक मंडल अनुच्छेद 54
  • इसमें राज्यसभा लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य रहते नवीनतम व्यवस्था के अनुसार पुडुचेरी विधानसभा तथा दिल्ली की विधानसभा क निर्वाचित सदस्य को भी सम्मिलित किया गया है
  • राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए निर्वाचक मंडल के 50 सदस्य प्रस्ताव तथा 50 सदस्य अनुमोदक होते हैं
  • एक ही व्यक्ति जितनी बार चाहे राष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित हो सकता है
  • राष्ट्रपति का निर्वाचन सम्मान पाती प्रतिनिधित्व प्राणी और एकल संक्रमणीय मत पद्धति के द्वारा होता है अनुच्छेद 55
  • राष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित विवादों का निपटारा उच्चतम न्यायालय द्वारा किया जाता निर्वाचन अवैध घोषित होने पर उसके द्वारा किए गए घर अवैध नहीं होते हैं
  • राष्ट्रपति अपने पद ग्रहण की तिथि से 5 वर्ष की अवधि तक पद धारक करेगा अपने पति के समाप्ति के बाद विवाह पद पर तब तक बना रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी पद ग्रहण नहीं कर लेता अनुच्छेद 56
  • पद धारण करने से पूर्व राष्ट्रपति को एक निर्धारित प्रपत्र पर भारत के मुख्य न्यायाधीश अथवा उनकी अनुपस्थिति में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश के सम्मुख शपथ लेनी पड़ती है
  • नोट:अनुच्छेद 77 बन के अनुसार भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से ही हुई कहीं जाएंगे और अनुच्छेद 773 के अनुसार राष्ट्रपति भारत सरकार और अधिक सुविधा पुर किए जाने के लिए और मंत्रियों में उपकार के आवंटन के लिए नियम बनाएगा

भारतीय वित्त व्यवस्था

भारतीय वित्त व्यवस्था से तात्पर्य ऐसी व्यवस्था से है जिसमें व्यक्तियों वित्तीय संस्थाओं बैंक को औद्योगिक कंपनियों तथा सरकार द्वारा वित्त की ...